स्वागत

आपका स्वागत है माली सैनी समाज की वेबसाइट पर । इस पर माली सैनी समाज के बन्धुओं के नाम, पतें, शिक्षा, विवाहित-अविवाहित, व्यवसाय, दूरभाष नम्बर, ई-मेल आदि जानकारी उपलब्ध है। हम इस वेबसाइट के माध्यम से समाज को भेदभाव से मुक्त करना चाहते है। जिससे हमारा समाज देश की एकता और विकास का हिस्सा बन सकें। इस वेबसाइट के माध्यम से हम पूरे समुदाय के लिए एक मंच तैयार करने की कोशिश कर रहें है। इससे दुनिया भर में स्थित समाज के सदस्यों के बीच संवाद स्थापित हो सकें। इसके माध्यम से पूरी दुनिया में समाज का कोई भी व्यक्ति, कहीं भी सूचना प्राप्त कर सकता है। साथ ही अपना विवरण भी दर्ज कर सकता है। हम चाहते है कि समाज का हर व्यक्ति इसके माध्यम से अपनी जानकारी साझा कर सकें तथा दूसरे व्यक्ति की सूचना से स्वयं भी लाभान्वित हो सकें।

इतिहास

माली लोग काश्तकारी यानी खेती करने में ज्यादा होशियार है क्योकिं वे हर तरह का अनाज, साग-पात, फलफूल और पेड़ जो मारवाड़ में होते है, उनको लगाना और तैयार करना जानते है। इसी सबब से इनका दूसरा नाम बागवान है। बागवानी का काम मालियों या मुसलमान बागवानों के सिवाय और कोई नहीं जानता। माली बरखलाफ दूसरे करसों अर्थात् किसानों के अपनी जमीनें हर मौसम में हरीभरी रखते है। उनके खेतों में हमेषा पानी की नहरें बहा करती है और इस लिये ये लोग सजल गॉवों में ज्यादा रहते है। थली में इनकी संख्या बहुत कम है।

प्रमुख माली सैनी व्यक्तित्व

  • Mr. Ashok Gehlot
    श्री अशोक गहलोत

    श्री अशोक गहलोत ऐसे अग्रणी नेताओ में गिने जाते है, जो प्रारम्भ से ही प्रतिभा के धनी रहे है। आपका जन्म 3 मई 1951 को प्रसिद्ध जादूगर श्री लक्ष्मण सिंह गहलोत के घर महामन्दिर, जोधपुर में हुआ। प्राथमिक से लेकर विश्व विद्यालय स्तर की शिक्षा आपने जोधपुर शहर में ही ग्रहण की। विद्यार्थी जीवन से ही नेतृत्व की अद्-भूत क्षमता आपमें सर्वदा विद्यमान रही।

  • श्री छगन राव भुजबल

    आपका जन्म 15 अक्टूबर, 1947 को पूना जिले के एक गाँव में एक किसान परिवार में जो फलों का धंधा करते थे, हुआ। आपने मैकेनिकल इंजीनियर की डिग्री प्राप्त कर नौकरी तो नहीं की परन्तु राजनीति में आ गए। आपने माली सैनी समाज ही नहीं समस्त पिछड़े वर्ग में राजनैतिक शैक्षिक, सामाजिक जागृति का संचार किया। आप पिछड़े वर्ग के सक्रिय बलशाली नेता माने जाने लगे। आप बम्बई आ गए और महानगरपालिका के 1973 में सदस्य चुने गये तथा 1984 तक महानगरपालिका में विरोधी पक्ष के नेता के रूप में कार्य किया।


  • श्री प्रभुलाल सैनी

    देवली तहसील जिला टोंक की छोटी सी ग्राम पंचायत आवां मंे 25 सितम्बर, 1954 को हरदयाल माली सैनी के घर जन्मे प्रभुलाल सैनी ने बी.ए. करने के बाद वकालत की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान वर्ष 1981 में ग्राम पंचायत आवां मंे सरपंच के चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी के बराबर के मत आ जाने एवं ग्राम में स्थिति बिगड़ने पर दूनी ग्राम पं. रामेष्वर व्यास की पर वहां तैनात चुनाव अधिकारी के दोनों के नाम गोली डालकर लॉटरी निकाली।


  • डॉ ओमकुमारी गहलोत

    आपका जन्म सन् 1937 में पिता श्री बस्तीराम गहलोत के यहॉ हुआ। आपने शिक्षा विभाग, राज्य सरकार को नौकरी पर रहते हुए, डॉक्टर की उपाधि प्राप्त की तथा सहायक उप-निदेशक के पद से सेनानिवृत हुए। आप 12 वर्ष तक लगातार संयुक्त सचिव पद पर (भारत स्काउट गाइड, जोधपुर मण्डल की) रही तथा वर्तमान में उप-प्रधान पद पर कार्यरत है।


  • श्री राजेन्द्र सिंह सोलंकी

    श्री राजेन्द्र सिंह सोलंकी का जन्म 13 फरवरी 1955 को कृषक सेठ श्री अचलूराम जी सोलंकी के परिवार में हुआ। बाल्यकाल से ही आर्य वीर दल की शाखाओं में नियमित जाने वाले श्री सोलंकी के जीवन में आर्य समाज के संस्कारों का अच्छा प्रभाव रहा है।


  • श्री राजेन्द्र गहलोत

    आपका जन्म 7 नवम्बर 1946 को श्री बालकृष्ण जी गहलोत के यहां जोधपुर में हुआ। आपकी शिक्षा जोधपुर में हुई तथा 1973 में बी.ए. किया। आपका विवाह 1979 में विमला देवी पुत्री श्री भंवरलाल जी पंवार नागौर निवासी के साथ हुआ। श्री भंवरलाल नागौर के प्रसिद्ध नेता है। आप के एक पुत्र रवि व एक पुत्री सुमन है।


  • श्री सुनिल परिहार

    शिक्षा प्रेमी, उच्च शिक्षित, लगनशील, परिश्रमी, उद्यमी, समाजसेवी श्री सुनिल परिहार का जन्म 7 जुलाई 1959 को जोधपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं समाज सेवी परिवार में पिता श्री जगदीश सिंह परिहार दादा श्री सेठ भीकमदास परिहार माता श्रीमती शान्ति देवी के यहां हुआ। आपके दादा जी सेठ श्री भीकमदास परिहार ने रातानाडा, जोधपुर में ग्रामीण छात्रों की उच्च शिक्षा हेतु छात्रावास का निर्माण करवाया ।


  • श्री देवीचन्द देवड़ा

    आपका जन्म दिनांक 28.02.1958 को मातृश्री सुवादेवी पिता श्री बीजाराम जी देवड़ा के यहॉ विद्याशाला के पास सांखला बास जोधपुर में हुआ। आप शिक्षा प्राप्त कर 19 मई 1981 को भारतीय स्टेट बैक में कार्य करने लगे। आपका विवाह अक्षय तृतीया 15 मई 1983 को श्री त्रिलोक जी गहलोत की पुत्री सरोज के साथ सम्पन्न हुआ।


  • श्री ओ.पी. सैनी

    आपका जन्म 27 जुलाई 1959 को ग्राम नायन जिला जयपुर में पिता श्री स्व0 भगवान सहाय सैनी एवं माता श्रीमती रूकमणी के यहां हुआ। आपने हायर सैकण्डरी अपने गांव की स्कूल से पास कर 1975 में इजीनियरिंग में प्रवेश लिया तथा 1980 में बी0 ई0 की परीक्षा उच्च श्रेणी मे पास कर एक साल मालवीय इंजीनियरिंग कालेज जयपुर में अध्यापन का कार्य किया। इसी दौरान आप का इंजीनियरिंग सर्विसेज में चयन होने पर पश्चिम रेल्वे में एक साल तक प्रशिक्षणार्थी रहे।


  • श्री अचल सिंह भाटी

    आपका जन्म 1 जनवरी, 1937 को पिताश्री लालजी (जन्म सम्वत् 1957 भादवा सुद 1 स्वर्गवास 05.03.1994)मगारामजी भाटी एवं माता श्रीमती जमना (जन्म सम्वत् 1909, स्वर्गवास 23.03.1980) के यहॉ ग्राम चैनपुरा हाल मगरा पूंजला जोधपुर में हुआ। (आपके दादाजी मघारामजी बेटा गीगजी, गीगजी बेटा रेखोजी, जो भाटीयॉ बेरा चैनपुरा, जोधपुर में खेती करते थे।) आपने बी.एस.सी., एल.एल.बी., डी.सी.एल.एल. तक की शिक्षा जोधपुर में प्राप्त की।


  • स्व. श्रीमती सोनी देवी जी धर्मपत्नी देवीलाल जी गहलोत

    इनके द्वारा स्व. श्रीमती सोनी देवी जी की स्मृति में 51 लाख रुपये की दान राशी प्रदान की गई है "श्रीमती सोनी देवी देवीलाल गुरुकुल छात्रावास"


  • श्री भगवान सिंह परिहार

    मानव हितैषी एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी आपका जन्म 12.10.1929 को पिता श्री रामसिंह एवं माता श्रीमती मानीदेवी के यहां जोधपुर में हुआ ।