श्री ओ.पी. सैनी आई.ए.एस., जयपुर


आपका जन्म 27 जुलाई 1959 को ग्राम नायन जिला जयपुर में पिता श्री स्व0 भगवान सहाय सैनी एवं माता श्रीमती रूकमणी के यहां हुआ। आपने हायर सैकण्डरी अपने गांव की स्कूल से पास कर 1975 में इजीनियरिंग में प्रवेश लिया तथा 1980 में बी0 ई0 की परीक्षा उच्च श्रेणी मे पास कर एक साल मालवीय इंजीनियरिंग कालेज जयपुर में अध्यापन का कार्य किया। इसी दौरान आप का इंजीनियरिंग सर्विसेज में चयन होने पर पश्चिम रेल्वे में एक साल तक प्रशिक्षणार्थी रहे। 1983 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन होने पर आप एक वर्ष तक मंसूरी में प्रशिक्षण पर रहे। अगस्त सन् 1985 मे उपखण्ड अधिकारी शाहपुरा भीलवाड़ा में आपकी नियुक्ति हुई। उपखण्ड अधिकारी के पद पर परिवार कल्याण कार्यक्रम में विशेष उपलब्धि के कारण राज्य सरकार द्वारा इन्हें पारितोषिक भी दिया गया। आप छात्र जीवन में एक एथेलेटिक्स रहे, छात्र संघ के महासचिव भी रहे। आपकी शादी डॉ0 (सर्जन) श्रीमती प्रभा महावर एक सर्जन के साथ हुई, जो वर्तमान मे जयपुर मानसिंह अस्पताल मे एसोसियेट प्रोफेसर पद पर कार्यरत है।

श्री सैनी की आई0ए0एस0 की वरिष्ठ श्रृंखला में पदोन्नति होने पर जून 1987 मे अतिरिक्त आयुक्त, सी.ए.डी. कोटा के पद पर आपका पद स्थापन हुआ। फिर कोटा से सवाईमाधोपुर, अतिरिक्त कलक्टर के पद आपका स्थानान्तरण हो गया। तदुपरान्त श्री सैनी सचिव, नगर सुधार न्यास अजमेर के पद पर अगस्त 1988 से दिसम्बर 1989 तक कार्यरत रहे। आप 1990 से करीब डेढ़ वर्ष तक अतिरिक्त आयुक्त, आबकारी, उदयपुर के पद पर भी रहे। आप मात्र तीन मास तक रजिस्ट्रार, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के पद पर रहने के बाद कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, डुंगरपुर के पद पर जुलाई 1991 को पद ग्रहण किया। सम्पूर्ण साक्षरता अभियान जैसी अभिनव योजना का क्रियान्वयन बहुत ही बखूबी से डुंगरपुर जिले में किया गया। डुंगरपुर जिले में साक्षरता अभियान का श्री सैनी ने, जिला साक्षरता समिति के अध्यक्ष की हैसियत से नेतृत्व किया। परिणाम स्वरूप 10 जुलाई 1993 को महामहिम राज्यपाल राजस्थान ने डुंगरपुर को सम्पूर्ण साक्षर जिला घोषित किया। हाल ही में भारत सरकार ने डुंगरपुर को देश का प्रथम जनजाति सम्पूर्ण साक्षर जिला घोषित किया है।

10 सितम्बर 1993 को आपने जिला कलेक्टर, भरतपुर का कार्यभार सम्भाला। भरतपुर जिला चुनावी हिंसा के लिए बदनाम है लेकिन आपने विधानसभा के चुनौती पूर्ण चुनाव शान्तिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराये। 11 जून 1994 को आपने जोधपुर में जिला कलेक्टर का पद सम्भांला। जोधपुर में रहते हुए शहर सौन्दर्योकरण, जल आपूर्ति, अवैध अतिक्रमण हटाने, एवं यातायात व्यवस्था आदि कार्य किये। गोरांधाय, दुर्गादास आदि के स्मारक बनाने में योगदान किया। सन् 1996 में आप का स्थानान्तरण हुआ तब वहां की जनता ने महसूस किया कि, जोधपुर में आज तक ऐसा कर्तव्यनिष्ठ व लोकप्रिय कलेक्टर नही आया। आप तरक्की पाकर जयपुर में निदेषक पंचायत विभाग नियुक्त हो गये। बाद में आपने भारत सरकार के पेट्रोलियम व रसायन मंत्रालय नई दिल्ली में कुछ समय सेवाएं दी। 1998 में वापस जयपुर में सहकारी विभाग के रजिस्ट्रार पद पर कार्य किया। फिर यहां से तरक्की पाकर उदयपुर संभाग के आयुक्त नियुक्त हो गये। आप जयपुर कृषि विपणन बोर्ड, राजस्थान,जयपुर के प्रषासक के पद पर रहें। वर्तमान में आप जयपुर राज्य जल संसाधन विभार में कार्यरत है। श्री ओ0पी0 सैनी जहां भी नियुक्त किय गये, वहां पिछड़े वर्गो के हित एवं उत्थान के लिए प्रयासरत रहे।