श्री प्रभुलाल सैनी, कृषि मंत्री राजस्‍थान सरकार ।


देवली तहसील जिला टोंक की छोटी सी ग्राम पंचायत आवां में 25 सितम्बर, 1954 को हरदयाल माली सैनी के घर जन्मे प्रभुलाल सैनी ने बी.ए. करने के बाद वकालत की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान वर्ष 1981 में ग्राम पंचायत आवां में सरपंच के चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी के बराबर के मत आ जाने एवं ग्राम में स्थिति बिगड़ने पर दूनी ग्राम पं. रामेश्वर व्यास की पर वहां तैनात चुनाव अधिकारी के दोनों के नाम गोली डालकर लॉटरी निकाली। इस प्रकार प्रभुलाल सैनी को पहली बार जन-जनप्रतिनिध के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। तब से लेकर 1993 तक वे न केवल आवां के सरपंच रहे बल्कि 87 से 93 तक देवली पंचायत समिति के उप प्रधान पर भी रहकर ग्रामीण की सेवा करते रहें। आपने कुछ समय टोंक में वकालत भी की। इस दौरान 1982 से उन्होनें भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर 1991 से 1993 तक उप प्रधान पंचायत समिति देवली रहें, 1995 से 2000 तक देवली पंचायत समिति के प्रधान पद पर रहे। 1998 में हुए विधानसभा चुनावों में उनियारा से पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया। कांग्रेस लहर में 2072 मतों से पराजित हुए। आप जिला माली समाज के संरक्षक पद पर भी रहें है। आप जनता की सेवा में बराबर लगे रहे, आप जातिवाद के आधार राजनीति नहीं करना चाहते। आप सभी जातियों को साथ लेकर आगे बढे़, आपने नवम्बर 2003 में उन्नियारा विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधायक चुने गये। आपको 11.12.2003 को सरकार में कृषि राज्य मंत्री बनाया गया। आपकी योग्यता व अच्छे कार्य को देखते हुए 31.05.2004 को राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री केबिनेट स्तर के रूप में मनोनीत किया गया। आप कृषि क्षेत्र का विकास व किसानों को बीज, कीटनाशक उपलब्ध करवाया, किसानों से सम्बन्धित समस्याओं का निदान करना चाहते है।

आप काश्तकार परिवार से है। आपकी पत्नी श्रीमती पानी देवी खेती बाड़ी का कार्य सम्भालती है, आपके दो पुत्रियों राजेश और मंजू एवं एक पुत्र मनीष है।