श्री राजेन्द्र गहलोत, पूर्व मंत्री, राजस्थान सरकार


आपका जन्म 7 नवम्बर 1946 को श्री बालकृष्ण जी गहलोत के यहां जोधपुर में हुआ। आपकी शिक्षा जोधपुर में हुई तथा 1973 में बी.ए. किया। आपका विवाह 1979 में विमला देवी पुत्री श्री भंवरलाल जी पंवार नागौर निवासी के साथ हुआ। श्री भंवरलाल नागौर के प्रसिद्ध नेता है। आप के एक पुत्र रवि व एक पुत्री सुमन है।

विद्यार्थी जीवन से ही गहलोत के हृदय में देश भक्ति कूट-कूट कर भरी हुई थी। देश में आपात स्थिति 1977 मे लगी, तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी ने आपात स्थिति के दौरान कई निर्दोष लोगों को भी नही छोड़ा। श्री गहलोत अत्याचारों के विरूद्ध उठ खड़े हुए तो उन्हें भी जेल में डाल दिया गया। उन पर अमानवीय जुल्म किये गये, मगर उन्होनें हिम्मत नही हारी। आप 19 मास तक निरन्तर काल कोठरी में रहने के बाद जब मुक्त हुए तो यातनाओं से लड़ने की क्षमता दुगुनी हो गई। यहीं से वे राजनीति मेँ अधिक धीर-गंभीर होकर आगे बढ़े।

आप सरदारपुरा विधान सभा से दो बार विधायक निर्वाचित हुए तथा राजस्थान के सूचना एवं जन सर्म्पक तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्य मंत्री भी रहे। हम पिछले 20 वर्ष के उनके कार्यो पर दृष्टि डालें तो देखते है कि इन्दिरा गांधी लिफ्ट केनाल के जरिये हिमालय का जल जोधपुर तक पहुंचाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एक जागरूक सक्रिय एवं उत्तरदायी जन प्रतिनिधि के नाते श्री गहलोत ने जोधपुर की जन भावनाओं का सदैव सम्मान करते हुए यहां की समस्याओं को समय-समय पर विधानसभा में प्रखर वक्ता के रूप में उठाया है। आपने 1990 से 1992 तक ढाई वर्षो के विधायक कार्यकाल में और फिर राष्ट्रपति शासन के दौरान एवं 1993 में दुबारा विधायक निर्वाचित होने से लेकर जन सर्म्पक एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्य मंत्री पद ग्रहण करने बाद भी सक्रिय रूप से विकास के कार्य करवाये, जोधपुर विश्वविद्यालय का नाम लोकनायक जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय रखने में और पूर्वकालिक कुलपति की नियुक्ति कराने जैसे बिन्दुओं पर सरकार का ध्यान निरंतर आकर्षित किया। आपने पिछडे वर्गों को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया को सरलीकरण कराने तथा शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण प्रदान करने में चिकित्सा के क्षेत्र आदि में, आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पावटा डिस्पेन्सरी को सेटेलाइट अस्पताल में क्रमोन्नत करवाया गया। बी.जे.एस., लक्ष्मीनगर और डिगाड़ी कॉलोनी में अस्पताल स्वीकृत करवाये। श्री राजेन्द्र गहलोत ने राजस्थान प्रदेश के लिए सामान्यतः तथा जोधपुर क्षेत्र को विशेषतः अपनी सार्वजनिक सेवाएं दी जो युवा पीढ़ी के लिए अत्यन्त प्रेरणाप्रद हैं।